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सनातन अधिकार आंदोलन

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राष्ट्रीय सनातन पार्टी

सनातन अधिकार आंदोलन

सनातन अधिकार आंदोलन के अंतर्गत 5 करोड़ हस्ताक्षर का लक्ष्य

राष्ट्रीय सनातन पार्टी — सनातन अधिकार आंदोलन

बहुसंख्यक सनातन हिन्दू समाज के अधिकारों की रक्षा

बहुसंख्यक सनातन हिन्दू समाज के संवैधानिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा हेतु राष्ट्रव्यापी जनसमर्थन अभियान।

भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को लोकतांत्रिक माध्यमों से अपनी बात रखने, जनमत तैयार करने तथा सरकार और संसद के समक्ष नीतिगत एवं विधायी परिवर्तन के प्रस्ताव रखने का अधिकार देता है।

राष्ट्रीय सनातन पार्टी, भारत निर्वाचन आयोग से पंजीकृत एक राजनीतिक दल होने के नाते, बहुसंख्यक सनातन हिन्दू समाज के संवैधानिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक अधिकारों से जुड़े विषयों पर जनसमर्थन प्राप्त करने के लिए “सनातन अधिकार आंदोलन” के अंतर्गत 5 करोड़ हस्ताक्षर अभियान चला रही है।

हमारा उद्देश्य इन विषयों को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से सरकार और संसद के समक्ष जनसमर्थन के साथ प्रस्तुत करना है।

सनातन अधिकार आंदोलन का लक्ष्य

5 करोड़

5,00,00,000 हस्ताक्षर — एक लोकतांत्रिक जनसमर्थन

हमारी 10 प्रमुख मांगें

01

संविधान के अनुच्छेद 1 में संशोधन

संविधान के भाग–1, अनुच्छेद–1 में उपबंध ‘क’ जोड़ा जाए, जिसमें यह प्रावधान किया जाए कि—

“भारत एक सनातन राष्ट्र है और भारत का राज्य इस राष्ट्र की सेवा के लिए गठित सर्वोच्च राजनीतिक संस्था है।”
02

संविधान के अनुच्छेद 25 में संशोधन

संविधान के अनुच्छेद–25 में उपबंध (3) जोड़ा जाए, जिसके अनुसार भारत के बहुसंख्यक सनातन समुदाय को अपने धर्म को अबाध रूप से मानने, उसका आचरण करने एवं प्रचार करने की स्वतंत्रता प्राप्त हो तथा राज्य बहुसंख्यक समाज की अनुमति के बिना उसके धार्मिक आचरणों पर प्रतिबंध न लगा सके। धार्मिक संस्थाओं के नियम बनाने का अधिकार संबंधित संस्थाओं को ही प्राप्त हो तथा असहमति रखने वाले लोगों को पृथक धार्मिक संस्थाएँ स्थापित करने की स्वतंत्रता हो।

03

धार्मिक शिक्षा का समान अधिकार

संविधान के अनुच्छेद–28 एवं 30 में संशोधन कर बहुसंख्यक सनातन समाज को भी धार्मिक शिक्षा का समान अधिकार प्रदान किया जाए।

04

समान मंदिर अधिनियम

हिन्दू मंदिरों के प्रशासन एवं संपत्ति से संबंधित वर्तमान कानूनों की समीक्षा कर एक समान मंदिर अधिनियम बनाया जाए, जिसके अंतर्गत मंदिरों का प्रबंधन हिन्दू समाज को सौंपा जाए तथा उनकी आय एवं संपत्ति का उपयोग हिन्दू समाज के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण में किया जाए।

प्रत्येक बड़े मंदिर के चढ़ावे से गुरुकुल, अन्नक्षेत्र और गौशाला संचालन की व्यवस्था हो तथा निर्धन सनातनी हिन्दू परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
05

पूजा स्थल अधिनियम, 1991 को निरस्त करना

पूजा स्थल अधिनियम, 1991 को निरस्त कर सनातन धर्म स्थल पुनर्स्थापना अधिनियम बनाया जाए, जिससे ऐतिहासिक रूप से विवादित महत्वपूर्ण हिन्दू मंदिरों के संबंध में वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार निर्णय लिया जा सके।

06

वक्फ अधिनियम को समाप्त करना

वक्फ अधिनियम को पूरी तरह समाप्त कर वक्फ संपत्तियों को सरकार द्वारा अधिग्रहीत किया जाए तथा उनका उपयोग शासकीय एवं सार्वजनिक हित में किया जाए।

07

चर्च की दीर्घकालीन लीजों की समीक्षा

ईसाई चर्चों को दी गई दीर्घकालीन (99 वर्ष) लीजों की समीक्षा की जाए तथा संविधान एवं प्रचलित कानूनों की व्यापक समीक्षा कर सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रीय हित के प्रतिकूल प्रावधानों को निरस्त अथवा संशोधित किया जाए।

08

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 को निरस्त करना

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 को पूर्णतः निरस्त किया जाए। बौद्ध, जैन एवं सिख भारतीय मत हैं तथा ईसाई एवं मुसलमान मतावलंबियों की जनसंख्या 2% से अधिक होने के कारण इनके अल्पसंख्यक विशेषाधिकारों को समाप्त करने हेतु आवश्यक संवैधानिक एवं विधायी संशोधन किए जाएँ तथा राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का विधिक ढांचा समाप्त किया जाए।

09

कल्याणकारी योजनाओं में समान अवसर

अल्पसंख्यकों के कल्याण एवं सशक्तिकरण हेतु संचालित योजनाओं में यदि धार्मिक आधार पर पात्रता निर्धारित है, तो उसकी समीक्षा कर समानता के सिद्धांत के अनुरूप बहुसंख्यक हिन्दू समाज को भी समान अवसर प्रदान किए जाएँ।

10

जातिवाद और जाति प्रमाणपत्र व्यवस्था समाप्त करना

जातिवाद को असंवैधानिक घोषित किया जाए, जाति प्रमाणपत्र व्यवस्था समाप्त की जाए तथा शासकीय महत्व के सभी अभिलेखों में जाति के उल्लेख पर प्रतिबंध लगाने हेतु आवश्यक संवैधानिक एवं विधायी प्रावधान किए जाएँ।

5 करोड़ हस्ताक्षर — एक लोकतांत्रिक जनसमर्थन

यदि आप मानते हैं कि इन विषयों पर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार विचार कर आवश्यक संवैधानिक संशोधन, विधायी सुधार एवं नीतिगत निर्णय किए जाने चाहिए, तो आज ही अपना समर्थन दर्ज करें।

आपका एक हस्ताक्षर परिवर्तन की दिशा में एक कदम है।
यदि 5 करोड़ सनातनी नागरिक एकजुट होकर अपनी लोकतांत्रिक आवाज़ रखते हैं, तो यह इन विषयों पर व्यापक जनसमर्थन का महत्वपूर्ण प्रमाण बनेगा।

आज ही अपना समर्थन दर्ज करें

5 करोड़ हस्ताक्षर अभियान में अपना समर्थन दर्ज करें और लोकतांत्रिक जनभागीदारी का हिस्सा बनें।

5 करोड़ हस्ताक्षर अभियान में अपना समर्थन दर्ज करें →

हमारा लक्ष्य

5,00,00,000

हस्ताक्षर — एक सशक्त लोकतांत्रिक आवाज़

आप क्या कर सकते हैं?

01

एक समर्थक कम से कम 25 अन्य लोगों को अभियान से जोड़ने का प्रयास करे।

02

इस अभियान की जानकारी अपने व्हाट्सऐप समूहों में साझा करें।

03

फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर अभियान की जानकारी साझा करें।

04

अपने क्षेत्र के नागरिकों को अभियान से जोड़ने का प्रयास करें।

05

अभियान के लोकतांत्रिक उद्देश्य और विषयों की जानकारी लोगों तक पहुँचाएँ।

06

जनसमर्थन को मजबूत करें और राष्ट्रहित में सहभागी बनें।

आस्था से अधिकार तक — एकजुट हो हिन्दू समाज

राष्ट्रीय सनातन पार्टी का आह्वान है कि सनातन समाज अपने संवैधानिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर लोकतांत्रिक और संगठित जनभागीदारी के माध्यम से अपनी बात मजबूती से रखे।

5 करोड़ हस्ताक्षर — एक सशक्त लोकतांत्रिक आवाज

आप हस्ताक्षर करें।

पच्चीस लोगों को जोड़ें।

जनसमर्थन को मजबूत करें।

राष्ट्रहित में सहभागी बनें।

जय सनातन, जय श्रीराम

हमसे जुड़ें

राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाइए। राष्ट्रीय सनातन पार्टी से जुड़ें।

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