राष्ट्रीय सनातन पार्टी
संविधान एवं कानून
न्यायपूर्ण कानून — सशक्त राष्ट्र
राष्ट्रीय सनातन पार्टी का मानना है कि संविधान और कानून का मूल उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा, न्याय की स्थापना, सामाजिक व्यवस्था की मजबूती और राष्ट्रहित की रक्षा करना होना चाहिए।
हम ऐसी व्यवस्था के लिए कार्य करने के पक्ष में हैं जिसमें कानून न्यायपूर्ण, स्पष्ट, समान रूप से लागू होने वाले और भारतीय सामाजिक एवं सांस्कृतिक संदर्भों के अनुरूप हों।
हमारी संविधान एवं कानून नीति के प्रमुख आधार
न्याय, समान नागरिक अधिकार, कानून का शासन, नागरिक सुरक्षा और राष्ट्रहित पर आधारित विधिक व्यवस्था की दिशा में हमारे प्रमुख आधार।
मूल संविधान और संशोधनों की पुनर्समीक्षा
राष्ट्रीय सनातन पार्टी का संकल्प है कि मूल संविधान की भावना और मूल स्वरूप की व्यापक समीक्षा करके उसे उसके मूल रूप में लागू किया जाए तथा समय-समय पर किए गए ऐसे संवैधानिक परिवर्तनों की समीक्षा की जाए जो मूल संवैधानिक व्यवस्था, समानता, न्याय या राष्ट्रहित के प्रतिकूल हैं।
आवश्यकतानुसार लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से ऐसे परिवर्तनों को निरस्त करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
संविधान के भाग–1, अनुच्छेद–1 में उपबंध ‘क’
संविधान के भाग–1, अनुच्छेद–1 में उपबंध ‘क’ जोड़ा जाएगा, जिसमें यह प्रावधान किया जाएगा कि—
धर्म और जाति आधारित भेदभावपूर्ण व्यवस्थाओं की समीक्षा
कानून और सरकारी व्यवस्थाओं में धर्म अथवा जाति के आधार पर होने वाले अनुचित या भेदभावपूर्ण प्रावधानों की समीक्षा कर समान नागरिक अधिकार और न्यायपूर्ण व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
किसी भी नागरिक के साथ अन्याय न हो तथा कानून का आधार न्याय, समानता और नागरिक अधिकार हों—यह हमारी प्रमुख दिशा होगी।
जाति प्रमाणपत्र व्यवस्था की समाप्ति
राष्ट्रीय सनातन पार्टी जाति प्रमाणपत्र की वर्तमान व्यवस्था को समाप्त करने तथा नागरिकों की पहचान और सरकारी व्यवस्था में जाति के आधार पर होने वाले वर्गीकरण को कम करने की दिशा में कार्य करेगी।
इस विषय में आवश्यक वैधानिक एवं संवैधानिक प्रावधानों की समीक्षा कर ऐसी व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जाएगा जो समान नागरिकता, सामाजिक समरसता और न्याय को मजबूत करे।
परिवार और विवाह संस्था की मजबूती
राष्ट्रीय सनातन पार्टी परिवार को समाज की महत्वपूर्ण आधारभूत इकाई मानती है। विवाह और पारिवारिक संबंधों से जुड़े कानूनों की ऐसी व्यवस्था के लिए कार्य किया जाएगा जो परिवार की स्थिरता, उत्तरदायित्व और सामाजिक मर्यादा को मजबूत करे।
विवाह एवं संबंधों से जुड़े कानूनों की समीक्षा
विवाह, विवाहेतर संबंध, अवैध संबंध और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े वर्तमान कानूनी प्रावधानों की व्यापक सामाजिक एवं विधिक समीक्षा की जाएगी तथा परिवार, महिलाओं, बच्चों और संबंधित पक्षों के अधिकारों की रक्षा करने वाली प्रभावी कानूनी व्यवस्था बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
जहाँ आवश्यक हो, कानून में कठोर दंडात्मक प्रावधानों का प्रस्ताव लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
विवाह में माता-पिता की भूमिका
राष्ट्रीय सनातन पार्टी प्रेम विवाह सहित विवाह संबंधी निर्णयों में परिवार की भूमिका और माता-पिता की सहमति को महत्व देने वाली कानूनी व्यवस्था के लिए कार्य करेगी।
वयस्क पुत्र या पुत्री के विवाह में माता-पिता में से कम-से-कम एक की सहमति को आवश्यक बनाने संबंधी प्रस्ताव पर संवैधानिक अधिकारों, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और लागू कानूनों के अनुरूप विधिक व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा
महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी कानून, त्वरित जांच, समयबद्ध न्यायिक प्रक्रिया और पीड़ितों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में कार्य करना।
कानून का समान और प्रभावी पालन
कानून सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू हो और राजनीतिक, सामाजिक अथवा आर्थिक प्रभाव के कारण किसी को कानून से ऊपर विशेष संरक्षण न मिले— इसके लिए कानून के शासन को मजबूत करना।
न्यायिक एवं विधिक सुधार
न्याय प्रक्रिया को अधिक सरल, सुलभ, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक सुधारों की दिशा में कार्य करना।
भारतीय सामाजिक एवं सांस्कृतिक संदर्भ
भारत में कानून बनाते समय भारतीय समाज की सभ्यता, संस्कृति, पारिवारिक व्यवस्था, सामाजिक वास्तविकताओं और संवैधानिक मूल्यों को उचित महत्व देने की दिशा में प्रयास करना।
नागरिक कर्तव्य और कानून के प्रति सम्मान
नागरिकों में संविधान, कानून, सार्वजनिक संपत्ति, राष्ट्रीय प्रतीकों और नागरिक कर्तव्यों के प्रति सम्मान एवं जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना।
न्यायपूर्ण व्यवस्था के तीन महत्वपूर्ण आधार
संविधान की मजबूती, परिवार की स्थिरता और नागरिकों की सुरक्षा— न्यायपूर्ण समाज के लिए आवश्यक आधार हैं।
संविधान और समान न्याय
नागरिक अधिकारों की रक्षा, समान न्याय और कानून के निष्पक्ष पालन को मजबूत करने की दिशा।
परिवार और सामाजिक मर्यादा
परिवार की स्थिरता, उत्तरदायित्व और सामाजिक मर्यादा को मजबूत करने वाली विधिक व्यवस्था की दिशा।
नागरिक सुरक्षा और कानून का शासन
महिलाओं, बच्चों और प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा तथा कानून के समान और प्रभावी पालन को प्राथमिकता।
हमारी दिशा
राष्ट्रीय सनातन पार्टी ऐसी कानूनी व्यवस्था के लिए कार्य करना चाहती है जिसमें न्याय सर्वोपरि हो, कानून स्पष्ट हो, नागरिकों के अधिकार सुरक्षित हों और समाज में परिवार, उत्तरदायित्व तथा सामाजिक मर्यादा मजबूत हो।
हमारा उद्देश्य कानून के माध्यम से किसी वर्ग के साथ अन्याय करना नहीं, बल्कि समान न्याय, नागरिक सुरक्षा, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है।
संविधान से न्याय तक — कानून से राष्ट्र निर्माण तक
एक मजबूत राष्ट्र के लिए केवल कानून होना पर्याप्त नहीं है; न्यायपूर्ण कानून और उसका निष्पक्ष पालन भी आवश्यक है।
न्याय
प्रत्येक नागरिक के लिए समान और निष्पक्ष न्याय की व्यवस्था को मजबूत करना।
कानून का शासन
कानून सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू हो और कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर न हो।
राष्ट्रहित
संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से राष्ट्रहित और नागरिक हित को मजबूत करना।
हमारी प्रतिबद्धता
राष्ट्रीय सनातन पार्टी संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से ऐसी विधिक व्यवस्था के लिए कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है जो न्याय, समानता, नागरिक सुरक्षा, पारिवारिक स्थिरता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित को मजबूत करे।
संविधान और कानून केवल शासन की व्यवस्था नहीं, बल्कि नागरिकों के अधिकार, कर्तव्य, न्याय और राष्ट्र के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण आधार हैं।
न्यायपूर्ण व्यवस्था की दिशा
संविधान की मजबूती से नागरिक सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण तक— एक उत्तरदायी व्यवस्था की दिशा।
न्यायपूर्ण कानून — सुरक्षित समाज — सशक्त राष्ट्र
समान न्याय। स्पष्ट कानून। सुरक्षित नागरिक। मजबूत परिवार। सामाजिक समरसता। सशक्त भारत।
यदि आप न्यायपूर्ण कानून, मजबूत परिवार, सामाजिक समरसता और उत्तरदायी नागरिक व्यवस्था के लिए कार्य करना चाहते हैं, तो राष्ट्रीय सनातन पार्टी से जुड़ें।
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