किसान
समृद्ध किसान — सशक्त ग्रामीण भारत
राष्ट्रीय सनातन पार्टी का मानना है कि किसान केवल अन्नदाता नहीं,
बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था, ग्रामीण जीवन और खाद्य सुरक्षा की
महत्वपूर्ण आधारशिला हैं।
कृषि को लाभकारी, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने के साथ किसानों की
आय, सम्मान और जीवन-स्तर को बेहतर करना हमारी किसान नीति की
प्रमुख दिशा है।
हमारी किसान नीति के प्रमुख आधार
किसान की आय, कृषि की उत्पादकता, उचित मूल्य, आधुनिक तकनीक, बाजार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए हमारी किसान नीति के प्रमुख आधार।
किसान की आय और आर्थिक सुरक्षा
किसानों को उनकी मेहनत और उत्पादन का उचित एवं लाभकारी मूल्य मिले तथा कृषि को अधिक आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में कार्य करना।
किसान आयोग का पुनर्गठन
किसानों की समस्याओं, कृषि लागत, आय, बाजार व्यवस्था और कृषि क्षेत्र की दीर्घकालीन चुनौतियों पर प्रभावी नीति निर्माण के लिए किसान आयोग के पुनर्गठन और उसे अधिक सक्षम, प्रतिनिधित्वपूर्ण एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में कार्य करना।
किसानों, कृषि विशेषज्ञों और संबंधित क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए आयोग को किसान हित में नीतिगत सुझाव देने तथा उनके क्रियान्वयन की निगरानी में अधिक प्रभावी भूमिका देने का प्रयास किया जाएगा।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की प्रभावी व्यवस्था
किसानों को उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य करना।
MSP के निर्धारण में कृषि लागत, किसान की आर्थिक स्थिति और उत्पादन से जुड़े जोखिमों को उचित महत्व देने तथा किसानों को घोषित MSP का वास्तविक लाभ प्राप्त हो, इसके लिए प्रभावी खरीद, भंडारण और बाजार व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
कृषि को आधुनिक और तकनीकयुक्त बनाना
आधुनिक कृषि तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान, बेहतर बीज, सिंचाई, मृदा परीक्षण और कृषि उपकरणों की उपलब्धता को बढ़ावा देना।
कृषि लागत कम करने पर जोर
कृषि की लागत कम करने के लिए स्थानीय संसाधनों, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के उपयोग को प्रोत्साहित करना।
सिंचाई और जल संरक्षण
कृषि के लिए पर्याप्त सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा वर्षा जल संरक्षण और जल के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना।
कृषि उपज का बेहतर मूल्य और बाजार
किसानों को अपनी उपज के उचित मूल्य के लिए बेहतर बाजार, भंडारण, परिवहन और विपणन सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में प्रयास करना।
कृषि आधारित उद्योग और रोजगार
कृषि को खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, पशुपालन, जैविक उत्पाद, भंडारण और अन्य कृषि आधारित उद्योगों से जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आय के अवसर बढ़ाना।
प्राकृतिक एवं जैविक कृषि
मृदा स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि को ध्यान में रखते हुए प्राकृतिक एवं जैविक कृषि पद्धतियों के अनुसंधान, प्रशिक्षण और उचित उपयोग को प्रोत्साहित करना।
किसान और नई पीढ़ी
युवा पीढ़ी को कृषि, कृषि-उद्यमिता और आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़कर खेती को सम्मानजनक एवं आकर्षक व्यवसाय बनाने की दिशा में कार्य करना।
पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था
पशुपालन, डेयरी, गौपालन और अन्य सहायक ग्रामीण गतिविधियों को कृषि अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए इनके विकास को प्रोत्साहित करना।
किसान की सामाजिक प्रतिष्ठा
किसान को केवल आर्थिक इकाई नहीं, बल्कि राष्ट्र के अन्नदाता और ग्रामीण भारत की महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में सम्मान दिलाने के लिए जनजागरूकता को बढ़ावा देना।
किसान हित में विशेष प्राथमिकताएँ
किसान आयोग और MSP व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के साथ किसान को उत्पादन से बाजार तक मजबूत करने की दिशा में विशेष जोर।
किसान आयोग को अधिक प्रभावी बनाना
कृषि नीति निर्माण में किसानों, कृषि विशेषज्ञों और संबंधित क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की वास्तविक भागीदारी बढ़ाने तथा किसान आयोग को नीतिगत सुझाव और उनके क्रियान्वयन की निगरानी में अधिक प्रभावी भूमिका देने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।
MSP का वास्तविक लाभ किसान तक
MSP के निर्धारण में कृषि लागत, किसान की आर्थिक स्थिति और उत्पादन जोखिमों को उचित महत्व देने के साथ प्रभावी खरीद, भंडारण और बाजार व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
हमारी दिशा
हम ऐसी कृषि व्यवस्था के लिए कार्य करना चाहते हैं जिसमें किसान
उत्पादक होने के साथ-साथ कृषि-उद्यमी भी बन सके।
हमारा प्रयास होगा कि किसान को बेहतर तकनीक, उचित एवं लाभकारी
मूल्य, प्रभावी MSP व्यवस्था, मजबूत बाजार, कृषि आधारित उद्योग,
आधुनिक ज्ञान और विविध आय के अवसरों से जोड़ा जाए।
साथ ही, किसान आयोग को अधिक प्रभावी बनाकर कृषि संबंधी नीतियों
में किसानों की वास्तविक समस्याओं और अनुभवों को उचित स्थान
देने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।
कृषि से राष्ट्र निर्माण तक
भारत की खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक स्थिरता में किसान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
समृद्ध किसान — आत्मनिर्भर गांव — सशक्त भारत
राष्ट्रीय सनातन पार्टी का लक्ष्य ऐसी कृषि व्यवस्था के लिए प्रयास करना है जिसमें किसान समृद्ध हो, गांव आत्मनिर्भर हों और कृषि भारत की आर्थिक शक्ति का मजबूत आधार बने।
कृषि विकास की दिशा
किसान की आय से ग्रामीण आत्मनिर्भरता और ग्रामीण शक्ति से राष्ट्र की आर्थिक शक्ति तक।
अन्नदाता का सम्मान — किसान का उत्थान
यदि आप किसान हित और ग्रामीण भारत के विकास के लिए कार्य करना चाहते हैं, तो राष्ट्रीय सनातन पार्टी से जुड़ें।
कृषि को मजबूत करें। किसान को सशक्त करें। उचित मूल्य सुनिश्चित करें। गांवों को आत्मनिर्भर बनाएँ। राष्ट्र की आर्थिक शक्ति बढ़ाएँ।
हमसे जुड़ें
राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाइए। राष्ट्रीय सनातन पार्टी से जुड़ें।
